बरखा पड़ गई भायली

बरखा पड़ गई भायली

कैसे बरखा पड़ गई भायली|

किस्मत कैसे बिगड़ गई भायली ||

काले पड़ गए गेहूं के दाने

सरसों सारी उजड़ गई भायली ||

कर्ज़ उठा कर बोये थे दाने

बाली-बाली सड़ गई भायली ||

आंखे सारी नमकीन हुई हैं

मेहनत कबर में गड़ गई भायली||

पैबंद लगा जोड़ा था जिसको

चूनर सारी उधड़ गई भायली |

सोने सी बालें थी बिखरी

किसकी नज़र चढ़ गई भायली||

 

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