यारों का कुनबा

यारों का कुनबा

यारों का कुनबा बिछड़ गया |

एक चमन बसाया उजड़ गया||

दे देकर बरसों आँख का पानी

जो  दरख्त लगाया उखड़ गया ||

अब कौन सुने मेरे दिल की

बागीचा बन बीहड़ गया ||

धड़कन से ढकते थे जिसको

राज वो सारा उघड गया ||

साँसों से बुना जो ताना बाना

इस हलचल से वो उधड़ गया ||

आस है बस उस आहट की

जो बोलेगी लो पतझड़ गया ||

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आमिर खान कहि रहे

  आमिर खान कहि रहे

ई देस हमें डराय ओ भैया|

जोरू ने दिया समझाय ओ भैया ||

इराक़ ,सीरिया फ़लस्तीन में

जन्नत रही समाय ओ भैया ||

इंसानियत का परचम तो

पाकिस्तान रहा फहराय ओ भैया ||

नाम दाम इज्जत पाकर के

हम तो गए बौराय ओ भैया ||

जिनके काबिल नहीं थे कभी

उ पुरस्कार रहे लौटाय ओ भैया ||

अब अपने गोला पर जाएंगे

सामान लिया बंधवाय ओ भैया ||