यारों का कुनबा

यारों का कुनबा

यारों का कुनबा बिछड़ गया |

एक चमन बसाया उजड़ गया||

दे देकर बरसों आँख का पानी

जो  दरख्त लगाया उखड़ गया ||

अब कौन सुने मेरे दिल की

बागीचा बन बीहड़ गया ||

धड़कन से ढकते थे जिसको

राज वो सारा उघड गया ||

साँसों से बुना जो ताना बाना

इस हलचल से वो उधड़ गया ||

आस है बस उस आहट की

जो बोलेगी लो पतझड़ गया ||

Advertisements

Leave a Reply

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out / Change )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out / Change )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out / Change )

Google+ photo

You are commenting using your Google+ account. Log Out / Change )

Connecting to %s